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ramayan 3.12.5: लक्ष्मण की बात सुनकर तपस्वी ने कहा, "बहुत अच्छा" और ऋषि को बताने के लिए अग्नि कक्ष में प्रवेश किया।   |   ramayan सर्ग 3.12: श्रीराम आदि का अगस्त्य के आश्रम में प्रवेश, अतिथि-सत्कार तथा मुनि की ओर से उन्हें दिव्य अस्त्र-शस्त्रों की प्राप्ति   ।   ramayan काण्ड 3: अरण्य काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 3: अरण्य काण्ड  »  सर्ग 12: श्रीराम आदि का अगस्त्य के आश्रम में प्रवेश, अतिथि-सत्कार तथा मुनि की ओर से उन्हें दिव्य अस्त्र-शस्त्रों की प्राप्ति  »  श्लोक 5
 
 
श्लोक  3.12.5 
तस्य तद् वचनं श्रुत्वा लक्ष्मणस्य तपोधन:।
तथेत्युक्त्वाग्निशरणं प्रविवेश निवेदितुम्॥ ५॥
 
 
अनुवाद
लक्ष्मण की बात सुनकर तपस्वी ने कहा, "बहुत अच्छा" और ऋषि को बताने के लिए अग्नि कक्ष में प्रवेश किया।
 
On hearing Lakshman's words the ascetic said, "Very good" and entered the fire room to inform the sage.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)