Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 ramayan 3.12.15-16h: शिष्य ने वहाँ महर्षि अगस्त्य की कही हुई बात बड़ी विनम्रता से दोहराई और आदर के पात्र श्री राम का यथोचित सत्कार करके उन्हें आश्रम में ले गया ॥15 1/2॥ | ramayan सर्ग 3.12: श्रीराम आदि का अगस्त्य के आश्रम में प्रवेश, अतिथि-सत्कार तथा मुनि की ओर से उन्हें दिव्य अस्त्र-शस्त्रों की प्राप्ति । ramayan काण्ड 3: अरण्य काण्ड । श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
शिष्य ने वहाँ महर्षि अगस्त्य की कही हुई बात बड़ी विनम्रता से दोहराई और आदर के पात्र श्री राम का यथोचित सत्कार करके उन्हें आश्रम में ले गया ॥15 1/2॥
The disciple very politely repeated what Maharishi Agastya had said there and after treating Shri Ram appropriately who was worthy of respect, he took him to the ashram. 15 1/2॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥