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श्लोक 77
श्लोक
3.11.77
ततोऽब्रवीत् समीपस्थं रामो राजीवलोचन:।
पृष्ठतोऽनुगतं वीरं लक्ष्मणं लक्ष्मिवर्धनम्॥ ७७॥
अनुवाद
उस समय कमलनेत्र श्री रामजी अपने पीछे-पीछे आनेवाले और निकट खड़े हुए वीर एवं मनोहर लक्ष्मण से बोले -॥77॥
At that time, the lotus-eyed Sri Rama spoke to the brave and graceful Lakshmana who was following him and was standing close by -॥ 77॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
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हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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