Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 ramayan 3.11.51: 'इधर देखो! वन के मध्य में आश्रम की अग्नि का धुआँ उठता हुआ दिखाई दे रहा है, जिसका अग्रभाग काले बादलों के ऊपरी भाग के समान दिखाई दे रहा है॥ 51॥ | ramayan सर्ग 3.11: पञ्चाप्सर तीर्थ एवं माण्डकर्णि मुनि की कथा, विभिन्न आश्रमों में घूमकर श्रीराम आदि का सुतीक्ष्ण के आश्रम में आना तथा अगस्त्य के प्रभाव का वर्णन । ramayan काण्ड 3: अरण्य काण्ड । श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
'इधर देखो! वन के मध्य में आश्रम की अग्नि का धुआँ उठता हुआ दिखाई दे रहा है, जिसका अग्रभाग काले बादलों के ऊपरी भाग के समान दिखाई दे रहा है॥ 51॥
'Look here! In the middle of the forest, the smoke of the ashram's fire is seen rising, its front appearing like the upper part of the black clouds.॥ 51॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥