Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 ramayan 3.11.32-33: 'उन बुद्धिमान महर्षि का सुन्दर आश्रम कहाँ है ? मैं लक्ष्मण और सीता सहित भगवान अगस्त्य के आश्रम में जाकर भगवान अगस्त्य को प्रणाम करूँ - यह महान् इच्छा मेरे हृदय में घूम रही है ॥32-33॥ | ramayan सर्ग 3.11: पञ्चाप्सर तीर्थ एवं माण्डकर्णि मुनि की कथा, विभिन्न आश्रमों में घूमकर श्रीराम आदि का सुतीक्ष्ण के आश्रम में आना तथा अगस्त्य के प्रभाव का वर्णन । ramayan काण्ड 3: अरण्य काण्ड । श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
'उन बुद्धिमान महर्षि का सुन्दर आश्रम कहाँ है ? मैं लक्ष्मण और सीता सहित भगवान अगस्त्य के आश्रम में जाकर भगवान अगस्त्य को प्रणाम करूँ - यह महान् इच्छा मेरे हृदय में घूम रही है ॥32-33॥
'Where is the beautiful ashram of that wise Maharishi? I should go to the ashram of Lord Agastya along with Lakshman and Sita to pay obeisance to Lord Agastya - this great desire is circling in my heart. 32-33॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥