Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 ramayan 2.99.20: वहाँ इंद्रधनुष जैसे कई धनुष रखे हुए थे, जो भारी-भरकम काम करने में सक्षम थे। उनकी पीठ सोने से मढ़ी हुई थी और वे बहुत शक्तिशाली और शत्रुओं के लिए कष्टदायक थे। वे उस कुटिया की शोभा बढ़ा रहे थे। | ramayan सर्ग 2.99: भरत का शत्रुघ्न आदि के साथ श्रीराम के आश्रम पर जाना, उनकी पर्णशाला देख रोते-रोते चरणों में गिरना, श्रीराम का उन सबको हृदय से लगाना । ramayan काण्ड 2: अयोध्या काण्ड । श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
वहाँ इंद्रधनुष जैसे कई धनुष रखे हुए थे, जो भारी-भरकम काम करने में सक्षम थे। उनकी पीठ सोने से मढ़ी हुई थी और वे बहुत शक्तिशाली और शत्रुओं के लिए कष्टदायक थे। वे उस कुटिया की शोभा बढ़ा रहे थे।
There were placed many bows like the rainbow, which were capable of accomplishing heavy tasks. Their backs were covered with gold and were very powerful and painful for the enemies. They were adding a lot of beauty to that hut.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥