Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 ramayan 2.99.17: 'इसीलिए मैं सब लोगों से निन्दा पाता हूँ, इसलिए मेरा जन्म शापित है! आज मैं श्री राम को प्रसन्न करने के लिए उनके चरणों में गिरूँगा। मैं सीता और लक्ष्मण के चरणों में भी गिरूँगा।'॥17॥ | ramayan सर्ग 2.99: भरत का शत्रुघ्न आदि के साथ श्रीराम के आश्रम पर जाना, उनकी पर्णशाला देख रोते-रोते चरणों में गिरना, श्रीराम का उन सबको हृदय से लगाना । ramayan काण्ड 2: अयोध्या काण्ड । श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
'इसीलिए मैं सब लोगों से निन्दा पाता हूँ, इसलिए मेरा जन्म शापित है! आज मैं श्री राम को प्रसन्न करने के लिए उनके चरणों में गिरूँगा। मैं सीता और लक्ष्मण के चरणों में भी गिरूँगा।'॥17॥
‘That is why I am condemned by everyone, hence my birth is cursed! Today I will fall at the feet of Shri Ram to please him. I will also fall at the feet of Sita and Lakshman.'॥ 17॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥