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ramayan 2.98.14: ऐसा कहकर महाबाहु भरतजी पैदल ही उस विशाल वन में प्रवेश कर गए ॥14॥   |   ramayan सर्ग 2.98: भरत के द्वारा श्रीराम के आश्रम की खोज का प्रबन्ध तथा उन्हें आश्रम का दर्शन   ।   ramayan काण्ड 2: अयोध्या काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
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श्लोक  2.98.14 
एवमुक्त्वा महाबाहुर्भरत: पुरुषर्षभ:।
पद्‍भ्यामेव महातेजा: प्रविवेश महद् वनम्॥ १४॥
 
 
अनुवाद
ऐसा कहकर महाबाहु भरतजी पैदल ही उस विशाल वन में प्रवेश कर गए ॥14॥
 
Saying this, the mighty-armed Bharata, the great and radiant man, entered that huge forest on foot. ॥14॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)