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श्लोक  2.98.13 
कृतकार्यमिदं दुर्गवनं व्यालनिषेवितम्।
यदध्यास्ते महाराजो राम: शस्त्रभृतां वर:॥ १३॥
 
 
अनुवाद
'नागों से सेवित यह दुर्गम वन भी धन्य हो गया है, जहाँ शस्त्रधारियों में श्रेष्ठ महाराज श्री राम निवास करते हैं।'
 
'This inaccessible forest, served by serpents, has also been blessed, where Maharaja Shri Ram, the best amongst weapon bearers, resides.'
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)