Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 ramayan 2.98.12: 'जैसे कुबेर नंदनवन में निवास करते हैं, वैसे ही जिस वन में ककुटस्थकुलभूषण श्री रामचंद्रजी निवास करते हैं, वह चित्रकूट परम शुभ है और गिरिराज हिमालय तथा वेंकटाचल के समान महान पर्वत है। 12॥ | ramayan सर्ग 2.98: भरत के द्वारा श्रीराम के आश्रम की खोज का प्रबन्ध तथा उन्हें आश्रम का दर्शन । ramayan काण्ड 2: अयोध्या काण्ड । श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
'जैसे कुबेर नंदनवन में निवास करते हैं, वैसे ही जिस वन में ककुटस्थकुलभूषण श्री रामचंद्रजी निवास करते हैं, वह चित्रकूट परम शुभ है और गिरिराज हिमालय तथा वेंकटाचल के समान महान पर्वत है। 12॥
'Just as Kuber resides in the Nandanvan, similarly in the forest in which Kakutsthakulbhushan Shri Ramchandraji resides, that Chitrakoot is the most auspicious and Giriraj is a great mountain like the Himalayas and Venkatachal. 12॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥