Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 ramayan 2.97.25: 'यह वही शत्रुंजय नाम का विशाल वृद्ध हाथी है जो मेरे अत्यन्त बुद्धिमान पिता के रथ पर सवार होकर सेना के आगे-आगे डोल रहा है।॥ 25॥ | ramayan सर्ग 2.97: श्रीराम का लक्ष्मण के रोष को शान्त करके भरत के सद्भाव का वर्णन करना,लक्ष्मण का लज्जित होना और भरत की सेना का पर्वत के नीचे छावनी डालना । ramayan काण्ड 2: अयोध्या काण्ड । श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
स एष सुमहाकाय: कम्पते वाहिनीमुखे।
नाग: शत्रुंजयो नाम वृद्धस्तातस्य धीमत:॥ २५॥
अनुवाद
'यह वही शत्रुंजय नाम का विशाल वृद्ध हाथी है जो मेरे अत्यन्त बुद्धिमान पिता के रथ पर सवार होकर सेना के आगे-आगे डोल रहा है।॥ 25॥
'This is the same huge old elephant named Shatrunjaya who is riding in the carriage of my very intelligent father and is swaying at the head of the army.॥ 25॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥