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ramayan 2.96.25-26h: अब जब भरत मर गया है, तो तुम सम्पूर्ण जगत् पर राज्य करो। जैसे हाथी वृक्ष को तोड़ डालता है, वैसे ही राज्य की लोलुप कैकेयी आज उसे युद्ध में मेरे द्वारा मारा हुआ देखकर अत्यन्त दुःखी होगी।॥25 1/2॥   |   ramayan सर्ग 2.96: लक्ष्मण का शाल-वृक्ष पर चढ़कर भरत की सेना को देखना और उनके प्रति अपना रोषपूर्ण उद्गार प्रकट करना   ।   ramayan काण्ड 2: अयोध्या काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 2: अयोध्या काण्ड  »  सर्ग 96: लक्ष्मण का शाल-वृक्ष पर चढ़कर भरत की सेना को देखना और उनके प्रति अपना रोषपूर्ण उद्गार प्रकट करना  »  श्लोक 25-26h
 
 
श्लोक  2.96.25-26h 
एतस्मिन् निहते कृत्स्नामनुशाधि वसुंधराम्।
अद्य पुत्रं हतं संख्ये कैकेयी राज्यकामुका॥ २५॥
मया पश्येत् सुदु:खार्ता हस्तिभिन्नमिव द्रुमम्।
 
 
अनुवाद
अब जब भरत मर गया है, तो तुम सम्पूर्ण जगत् पर राज्य करो। जैसे हाथी वृक्ष को तोड़ डालता है, वैसे ही राज्य की लोलुप कैकेयी आज उसे युद्ध में मेरे द्वारा मारा हुआ देखकर अत्यन्त दुःखी होगी।॥25 1/2॥
 
‘Now that Bharata is dead, you should rule over the whole world. Just as an elephant breaks a tree, similarly, Kaikeyi, who covets the kingdom, will be extremely sad today to see him killed by me in battle.॥ 25 1/2॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)