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ramayan 2.96.12: तत्पश्चात् उत्तर की ओर देखते हुए उन्होंने हाथियों, घोड़ों, रथों तथा परिश्रमी पैदल सैनिकों से युक्त एक विशाल सेना देखी।   |   ramayan सर्ग 2.96: लक्ष्मण का शाल-वृक्ष पर चढ़कर भरत की सेना को देखना और उनके प्रति अपना रोषपूर्ण उद्गार प्रकट करना   ।   ramayan काण्ड 2: अयोध्या काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 2: अयोध्या काण्ड  »  सर्ग 96: लक्ष्मण का शाल-वृक्ष पर चढ़कर भरत की सेना को देखना और उनके प्रति अपना रोषपूर्ण उद्गार प्रकट करना  »  श्लोक 12
 
 
श्लोक  2.96.12 
उदङ्मुख: प्रेक्षमाणो ददर्श महतीं चमूम्।
गजाश्वरथसम्बाधां यत्तैर्युक्तां पदातिभि:॥ १२॥
 
 
अनुवाद
तत्पश्चात् उत्तर की ओर देखते हुए उन्होंने हाथियों, घोड़ों, रथों तथा परिश्रमी पैदल सैनिकों से युक्त एक विशाल सेना देखी।
 
Thereafter, looking towards the north, he saw a large army consisting of elephants, horses and chariots along with diligent infantry.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)