Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
ramayan 2.92.29: उस समय भरत से ऐसी बातें कहते हुए श्री रामावतार का प्रयोजन जानने वाले महाज्ञानी महर्षि भरद्वाज ने उनसे यह कहा- 29॥   |   ramayan सर्ग 2.92: भरत का भरद्वाज मुनि से श्रीराम के आश्रम जाने का मार्ग जानना, वहाँ से चित्रकूट के लिये सेना सहित प्रस्थान करना   ।   ramayan काण्ड 2: अयोध्या काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 2: अयोध्या काण्ड  »  सर्ग 92: भरत का भरद्वाज मुनि से श्रीराम के आश्रम जाने का मार्ग जानना, वहाँ से चित्रकूट के लिये सेना सहित प्रस्थान करना  »  श्लोक 29
 
 
श्लोक  2.92.29 
भरद्वाजो महर्षिस्तं ब्रुवन्तं भरतं तदा।
प्रत्युवाच महाबुद्धिरिदं वचनमर्थवित्॥ २९॥
 
 
अनुवाद
उस समय भरत से ऐसी बातें कहते हुए श्री रामावतार का प्रयोजन जानने वाले महाज्ञानी महर्षि भरद्वाज ने उनसे यह कहा- 29॥
 
At that time, while saying such things to Bharat, the great wise Maharshi Bhardwaj, who knew the purpose of Shri Ram's incarnation, said this to him - 29॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)