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ramayan 2.91.82: तदनन्तर वे नदियाँ, गन्धर्व और समस्त सुन्दरी अप्सराएँ उसी प्रकार लौट गईं जिस प्रकार वे भरद्वाजजी की आज्ञा से आई थीं ॥82॥   |   ramayan सर्ग 2.91: भरद्वाज मुनि के द्वारा सेना सहित भरत का दिव्य सत्कार   ।   ramayan काण्ड 2: अयोध्या काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 2: अयोध्या काण्ड  »  सर्ग 91: भरद्वाज मुनि के द्वारा सेना सहित भरत का दिव्य सत्कार  »  श्लोक 82
 
 
श्लोक  2.91.82 
प्रतिजग्मुश्च ता नद्यो गन्धर्वाश्च यथागतम्।
भरद्वाजमनुज्ञाप्य ताश्च सर्वा वराङ्गना:॥ ८२॥
 
 
अनुवाद
तदनन्तर वे नदियाँ, गन्धर्व और समस्त सुन्दरी अप्सराएँ उसी प्रकार लौट गईं जिस प्रकार वे भरद्वाजजी की आज्ञा से आई थीं ॥82॥
 
After that, those rivers, Gandharvas and all the beautiful nymphs returned in the same manner as they had come with the permission of Bharadwajji. 82॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)