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श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 2: अयोध्या काण्ड  »  सर्ग 91: भरद्वाज मुनि के द्वारा सेना सहित भरत का दिव्य सत्कार  »  श्लोक 79
 
 
श्लोक  2.91.79 
नीलवैदूर्यवर्णांश्च मृदून् यवससंचयान्।
निर्वापार्थं पशूनां ते ददृशुस्तत्र सर्वश:॥ ७९॥
 
 
अनुवाद
वहाँ पशुओं के खाने के लिए नीले लाजवर्द के रंग की हरी और मुलायम घास के ढेर लगे थे। उन सभी लोगों ने वह सब कुछ देखा। 79.
 
There were heaps of green and soft grass of the colour of blue lapis lazuli for the animals to eat. All those people saw all those things. 79.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)