Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 ramayan 2.91.69: उस वन के चारों ओर के सभी कुएँ गाढ़ी और स्वादिष्ट खीर से भरे हुए थे। वहाँ की गौएँ कामधेनु (सभी कामनाओं को पूर्ण करने वाली) बन गई थीं और उस दिव्य वन के वृक्ष मधु की वर्षा कर रहे थे। | ramayan सर्ग 2.91: भरद्वाज मुनि के द्वारा सेना सहित भरत का दिव्य सत्कार । ramayan काण्ड 2: अयोध्या काण्ड । श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
उस वन के चारों ओर के सभी कुएँ गाढ़ी और स्वादिष्ट खीर से भरे हुए थे। वहाँ की गौएँ कामधेनु (सभी कामनाओं को पूर्ण करने वाली) बन गई थीं और उस दिव्य वन के वृक्ष मधु की वर्षा कर रहे थे।
All the wells around the forest were filled with thick and tasty kheer. The cows there had become Kamadhenu (fulfiller of all desires) and the trees of that divine forest were showering honey. 69.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥