Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
ramayan 2.91.52: (वह भरत के सैनिकों को पुकारकर कहती थी-) 'हे मधु पीने वालों! यह मधु लो। तुममें से जो लोग भूखे हों, वे इस खीर को खा लो और परम पवित्र फलों का गूदा भी प्रस्तुत है, उसे चखो। जो कोई जो खाना चाहे, वह खा ले।'॥52॥   |   ramayan सर्ग 2.91: भरद्वाज मुनि के द्वारा सेना सहित भरत का दिव्य सत्कार   ।   ramayan काण्ड 2: अयोध्या काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 2: अयोध्या काण्ड  »  सर्ग 91: भरद्वाज मुनि के द्वारा सेना सहित भरत का दिव्य सत्कार  »  श्लोक 52
 
 
श्लोक  2.91.52 
सुरां सुरापा: पिबत पायसं च बुभुक्षिता:।
मांसानि च सुमेध्यानि भक्ष्यन्तां यो यदिच्छति॥ ५२॥
 
 
अनुवाद
(वह भरत के सैनिकों को पुकारकर कहती थी-) 'हे मधु पीने वालों! यह मधु लो। तुममें से जो लोग भूखे हों, वे इस खीर को खा लो और परम पवित्र फलों का गूदा भी प्रस्तुत है, उसे चखो। जो कोई जो खाना चाहे, वह खा ले।'॥52॥
 
(She used to call out to Bharata's soldiers and say-) 'O people who drink honey! Take this honey. Those of you who are hungry, eat this kheer and the pulp of the most sacred fruits is also presented, taste them. Whoever wishes to eat whatever, eat that.'॥ 52॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)