Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
ramayan 2.91.26: सुहावनी वायु बहने लगी। अप्सराओं के समूह नाचने लगे। देवगन्धर्व गाने लगे और वीणाओं की मधुर ध्वनि सर्वत्र फैलने लगी॥ 26॥   |   ramayan सर्ग 2.91: भरद्वाज मुनि के द्वारा सेना सहित भरत का दिव्य सत्कार   ।   ramayan काण्ड 2: अयोध्या काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 2: अयोध्या काण्ड  »  सर्ग 91: भरद्वाज मुनि के द्वारा सेना सहित भरत का दिव्य सत्कार  »  श्लोक 26
 
 
श्लोक  2.91.26 
प्रववुश्चोत्तमा वाता ननृतुश्चाप्सरोगणा:।
प्रजगुर्देवगन्धर्वा वीणा: प्रमुमुचु: स्वरान्॥ २६॥
 
 
अनुवाद
सुहावनी वायु बहने लगी। अप्सराओं के समूह नाचने लगे। देवगन्धर्व गाने लगे और वीणाओं की मधुर ध्वनि सर्वत्र फैलने लगी॥ 26॥
 
A pleasant wind began to blow. Groups of Apsaras began to dance. Devgandharvas began to sing and the melodies of the Veenas spread everywhere.॥ 26॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)