श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 2: अयोध्या काण्ड  »  सर्ग 91: भरद्वाज मुनि के द्वारा सेना सहित भरत का दिव्य सत्कार  »  श्लोक 21
 
 
श्लोक  2.91.21 
विचित्राणि च माल्यानि पादपप्रच्युतानि च।
सुरादीनि च पेयानि मांसानि विविधानि च॥ २१॥
 
 
अनुवाद
भगवान सोमदेव यहाँ नाना प्रकार के पुष्प, मधु आदि पेय, वृक्षों से तुरन्त तोड़े हुए तथा नाना प्रकार के फलों के गूदे प्रस्तुत करें। 21॥
 
'May Lord Soma present here various types of flowers, honey etc. beverages immediately picked from the trees and the pulp of various types of fruits.' 21॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)