श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 2: अयोध्या काण्ड  »  सर्ग 91: भरद्वाज मुनि के द्वारा सेना सहित भरत का दिव्य सत्कार  »  श्लोक 20
 
 
श्लोक  2.91.20 
इह मे भगवान् सोमो विधत्तामन्नमुत्तमम्।
भक्ष्यं भोज्यं च चोष्यं च लेह्यं च विविधं बहु॥ २०॥
 
 
अनुवाद
'यहाँ भगवान सोम मेरे अतिथियों के लिए उत्तम भोजन, नाना प्रकार के खाद्य पदार्थ, भोग्य, लेह्य और चोष्य की प्रचुर व्यवस्था करें।
 
'Here Lord Soma should arrange for my guests the best of food, various kinds of eatables, bhogya, lehya and choshya in abundance.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)