जाने चैतन्मन:स्थं ते दृढीकरणमस्त्विति।
अपृच्छं त्वां तवात्यर्थं कीर्तिं समभिवर्धयन्॥ २१॥
अनुवाद
'मैं तुम्हारे मन की बात जानता हूँ; तथापि मैंने यह इसलिए पूछा है कि तुम्हारी यह भावना और अधिक दृढ़ हो जाए और तुम्हारा यश अधिकाधिक फैल जाए॥ 21॥
'I know what is in your mind; however, I have asked this so that this feeling of yours may become stronger and your fame may spread more and more.॥ 21॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)