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श्लोक 16
श्लोक
2.90.16
न चैतदिष्टं माता मे यदवोचन्मदन्तरे।
नाहमेतेन तुष्टश्च न तद्वचनमाददे॥ १६॥
अनुवाद
'मेरी माँ ने मेरे रूप में जो कुछ भी कहा या किया है, वह मुझे पसंद नहीं है। मैं उससे संतुष्ट नहीं हूँ, और न ही मैं माँ की कही बातों को स्वीकार करता हूँ।
‘Whatever my mother has said or done in my guise is not to my liking. I am not satisfied with it, nor do I accept what my mother has said.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
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हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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