श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 2: अयोध्या काण्ड  »  सर्ग 9: कुब्जा के कुचक्र से कैकेयी का कोप भवन में प्रवेश  »  श्लोक 34
 
 
श्लोक  2.9.34 
येन कालेन रामश्च वनात् प्रत्यागमिष्यति।
अन्तर्बहिश्च पुत्रस्ते कृतमूलो भविष्यति॥ ३४॥
 
 
अनुवाद
'जब तक राम वन से लौटेंगे, तब तक आपका पुत्र भरत आंतरिक और बाह्य दोनों ही रूपों से शक्तिशाली हो जाएगा।
 
‘By the time Rama returns from the forest, your son Bharat will become strong both internally and externally.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)