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श्रीमद् वाल्मीकि रामायण
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काण्ड 2: अयोध्या काण्ड
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सर्ग 9: कुब्जा के कुचक्र से कैकेयी का कोप भवन में प्रवेश
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श्लोक 30
श्लोक
2.9.30
रामप्रव्रजनं दूरं नव वर्षाणि पञ्च च।
भरत: क्रियतां राजा पृथिव्यां पार्थिवर्षभ॥ ३०॥
अनुवाद
'वर माँगते समय कहो नृपश्रेष्ठ! तुम श्री राम को चौदह वर्ष के लिए दूर वन में भेज दो और भरत को पृथ्वी का राजा बना दो॥30॥
'When asking for a groom, say Nripashreshtha! You send Shri Ram to a far away forest for fourteen years and make Bharat the king of the earth. 30॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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