Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 ramayan 2.85.4: 'निषादराज! इन दोनों में से किस मार्ग से मैं भारद्वाज ऋषि के आश्रम जाऊँ? गंगा के तट पर स्थित यह क्षेत्र अत्यन्त गहन प्रतीत होता है। इसे पार करके आगे बढ़ना कठिन है।'॥4॥ | ramayan सर्ग 2.85: गुह और भरत की बातचीत तथा भरत का शोक । ramayan काण्ड 2: अयोध्या काण्ड । श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
'निषादराज! इन दोनों में से किस मार्ग से मैं भारद्वाज ऋषि के आश्रम जाऊँ? गंगा के तट पर स्थित यह क्षेत्र अत्यन्त गहन प्रतीत होता है। इसे पार करके आगे बढ़ना कठिन है।'॥4॥
'Nishadraj! Which of these two routes should I take to go to the hermitage of sage Bharadwaj? This region on the banks of the Ganga seems very deep. It is difficult to cross it and move forward.'॥ 4॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥