Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 ramayan 2.84.4: 'मैं तो सोचता हूँ कि वह पहले अपने मन्त्रियों से हमें पाश में बंधवाएगा अथवा मार डालेगा; तत्पश्चात् वह दशरथनन्दन श्री राम को भी मार डालेगा, जिन्हें पिता ने राज्य से निकाल दिया है॥4॥ | ramayan सर्ग 2.84: निषादराज गुह का अपने बन्धुओं भेंट की सामग्री ले भरत के पास जाना और उनसे आतिथ्य स्वीकार करने के लिये अनुरोध करना । ramayan काण्ड 2: अयोध्या काण्ड । श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
'मैं तो सोचता हूँ कि वह पहले अपने मन्त्रियों से हमें पाश में बंधवाएगा अथवा मार डालेगा; तत्पश्चात् वह दशरथनन्दन श्री राम को भी मार डालेगा, जिन्हें पिता ने राज्य से निकाल दिया है॥4॥
'I think that he will first have his ministers tie us with noose or kill us; after that he will also kill Dasharathanandan Shri Ram, whom father has expelled from the kingdom.॥ 4॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥