श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 2: अयोध्या काण्ड  »  सर्ग 8: मन्थरा का पुनः राज्याभिषेक को कैकेयी के लिये अनिष्टकारी बताना, कुब्जा का पुनः श्रीराम राज्य को भरत के लिये भयजनक बताकर कैकेयी को भड़काना  »  श्लोक 24
 
 
श्लोक  2.8.24 
तस्माज्ज्येष्ठे हि कैकेयि राज्यतन्त्राणि पार्थिवा:।
स्थापयन्त्यनवद्याङ्गि गुणवत्स्वितरेष्वपि॥ २४॥
 
 
अनुवाद
हे परम सुन्दरी केकयनन्दिनी! इसीलिए राजा लोग राजकाज का भार ज्येष्ठ पुत्र पर ही डालते हैं। यदि ज्येष्ठ पुत्र गुणवान न हो, तो राज्य अन्य गुणवान पुत्रों को भी सौंप दिया जाता है। 24॥
 
‘The most beautiful Kekayanandini! That is why kings place the responsibility of governance on the eldest son only. If the eldest son is not virtuous then the kingdom is handed over to other virtuous sons also. 24॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)