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ramayan 2.8.15: वह दीर्घायु होगा और पिता के समान अपने भाइयों और सेवकों का पालन करेगा। कुब्जा! उसके राज्याभिषेक की बात सुनकर तू इतनी ईर्ष्या क्यों कर रही है?॥15॥   |   ramayan सर्ग 2.8: मन्थरा का पुनः राज्याभिषेक को कैकेयी के लिये अनिष्टकारी बताना, कुब्जा का पुनः श्रीराम राज्य को भरत के लिये भयजनक बताकर कैकेयी को भड़काना   ।   ramayan काण्ड 2: अयोध्या काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 2: अयोध्या काण्ड  »  सर्ग 8: मन्थरा का पुनः राज्याभिषेक को कैकेयी के लिये अनिष्टकारी बताना, कुब्जा का पुनः श्रीराम राज्य को भरत के लिये भयजनक बताकर कैकेयी को भड़काना  »  श्लोक 15
 
 
श्लोक  2.8.15 
भ्रातॄन् भृत्यांश्च दीर्घायु: पितृवत् पालयिष्यति।
संतप्यसे कथं कुब्जे श्रुत्वा रामाभिषेचनम्॥ १५॥
 
 
अनुवाद
वह दीर्घायु होगा और पिता के समान अपने भाइयों और सेवकों का पालन करेगा। कुब्जा! उसके राज्याभिषेक की बात सुनकर तू इतनी ईर्ष्या क्यों कर रही है?॥15॥
 
‘He will live long and will look after his brothers and servants like a father. Kubja! Why are you so jealous on hearing of his coronation?॥ 15॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)