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श्रीमद् वाल्मीकि रामायण
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काण्ड 2: अयोध्या काण्ड
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सर्ग 8: मन्थरा का पुनः राज्याभिषेक को कैकेयी के लिये अनिष्टकारी बताना, कुब्जा का पुनः श्रीराम राज्य को भरत के लिये भयजनक बताकर कैकेयी को भड़काना
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श्लोक 13
श्लोक
2.8.13
तां दृष्ट्वा परमप्रीतां ब्रुवन्तीं मन्थरां तत:।
रामस्यैव गुणान् देवी कैकेयी प्रशशंस ह॥ १३॥
अनुवाद
मन्थरा को अत्यंत अप्रसन्नता के कारण इस प्रकार कपटपूर्ण बातें करते देख देवी कैकेयी ने श्री राम के गुणों की प्रशंसा करते हुए कहा- 13॥
Seeing Manthara talking in such a pretentious manner due to her extreme displeasure, Goddess Kaikeyi praised the qualities of Shri Ram and said - 13॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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