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ramayan 2.79.6: यह सुनकर उत्तम व्रतों का पालन करने वाले भरत ने घड़े सहित अभिषेक के लिए रखी हुई समस्त वस्तुओं की परिक्रमा की और वहाँ उपस्थित समस्त लोगों को यह उत्तर दिया-॥6॥   |   ramayan सर्ग 2.79: भरत का अभिषेक-सामग्री की परिक्रमा करके श्रीराम को ही राज्य का अधिकारी बताकर उन्हें लौटा लाने के लिये चलने के निमित्त व्यवस्था करने की सबको आज्ञा देना   ।   ramayan काण्ड 2: अयोध्या काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 2: अयोध्या काण्ड  »  सर्ग 79: भरत का अभिषेक-सामग्री की परिक्रमा करके श्रीराम को ही राज्य का अधिकारी बताकर उन्हें लौटा लाने के लिये चलने के निमित्त व्यवस्था करने की सबको आज्ञा देना  »  श्लोक 6
 
 
श्लोक  2.79.6 
आभिषेचनिकं भाण्डं कृत्वा सर्वं प्रदक्षिणम्।
भरतस्तं जनं सर्वं प्रत्युवाच धृतव्रत:॥ ६॥
 
 
अनुवाद
यह सुनकर उत्तम व्रतों का पालन करने वाले भरत ने घड़े सहित अभिषेक के लिए रखी हुई समस्त वस्तुओं की परिक्रमा की और वहाँ उपस्थित समस्त लोगों को यह उत्तर दिया-॥6॥
 
On hearing this, Bharata, who was observing the best vows, circumambulated all the items kept for the anointment including the pitcher and gave this answer to all the people present there -॥ 6॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)