Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 ramayan 2.77.23: भूख-प्यास, शोक-मोह और जरा-मृत्यु-ये तीनों द्वन्द्व समस्त प्राणियों में समान रूप से विद्यमान रहते हैं। इन्हें रोकना सर्वथा असम्भव है-ऐसी स्थिति में तुम्हें इस प्रकार दुःखी नहीं होना चाहिए। 23॥ | ramayan सर्ग 2.77: भरत का पिता के श्राद्ध में ब्राह्मणों को बहुत धन-रत्न आदि का दान, पिता की चिता भूमि पर जाकर भरत और शत्रुघ्न का विलाप करना । ramayan काण्ड 2: अयोध्या काण्ड । श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
भूख-प्यास, शोक-मोह और जरा-मृत्यु-ये तीनों द्वन्द्व समस्त प्राणियों में समान रूप से विद्यमान रहते हैं। इन्हें रोकना सर्वथा असम्भव है-ऐसी स्थिति में तुम्हें इस प्रकार दुःखी नहीं होना चाहिए। 23॥
‘Hunger-thirst, grief-attachment and old age-death – these three conflicts are equally available in all living beings. It is completely impossible to stop them – in such a situation you should not be sad like this. 23॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥