Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 ramayan 2.77.10: तत्पश्चात् उनके सभी मंत्री पवित्र व्रत का पालन करने वाले भरत के पास आये, जैसे अष्टक आदि राजा, पुण्य कर्मों के कारण स्वर्ग से गिरे हुए राजा ययाति के पास आये थे। | ramayan सर्ग 2.77: भरत का पिता के श्राद्ध में ब्राह्मणों को बहुत धन-रत्न आदि का दान, पिता की चिता भूमि पर जाकर भरत और शत्रुघ्न का विलाप करना । ramayan काण्ड 2: अयोध्या काण्ड । श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
तत्पश्चात् उनके सभी मंत्री पवित्र व्रत का पालन करने वाले भरत के पास आये, जैसे अष्टक आदि राजा, पुण्य कर्मों के कारण स्वर्ग से गिरे हुए राजा ययाति के पास आये थे।
Then all his ministers came to Bharata who was observing a sacred vow, just as the kings like Ashtaka etc. had come to King Yayati who had fallen from heaven after his good deeds had come to him.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥