Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 ramayan 2.77.1: तदनन्तर, दशा बीत जाने पर, राजकुमार भरत ने ग्यारहवें दिन आत्मशुद्धि के लिए स्नान और एकादशाह श्राद्ध का अनुष्ठान किया, फिर बारहवें दिन आने पर उन्होंने अन्य श्राद्ध कर्म (मासिक और सपिण्डीकरण श्राद्ध) किए।॥1॥ | ramayan सर्ग 2.77: भरत का पिता के श्राद्ध में ब्राह्मणों को बहुत धन-रत्न आदि का दान, पिता की चिता भूमि पर जाकर भरत और शत्रुघ्न का विलाप करना । ramayan काण्ड 2: अयोध्या काण्ड । श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
तदनन्तर, दशा बीत जाने पर, राजकुमार भरत ने ग्यारहवें दिन आत्मशुद्धि के लिए स्नान और एकादशाह श्राद्ध का अनुष्ठान किया, फिर बारहवें दिन आने पर उन्होंने अन्य श्राद्ध कर्म (मासिक और सपिण्डीकरण श्राद्ध) किए।॥1॥
Thereafter, after the Dashah passed, Prince Bharat performed the ritual of bath and Ekadshah Shraddha for self-purification on the eleventh day, then on the arrival of the twelfth day he performed other Shraddha rituals (monthly and Sapindikaran Shraddha). 1॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥