श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 2: अयोध्या काण्ड  »  सर्ग 76: राजा दशरथ का अन्त्येष्टि संस्कार  »  श्लोक 10
 
 
श्लोक  2.76.10 
एवं विलपमानं तं भरतं दीनमानसम्।
अब्रवीद् वचनं भूयो वसिष्ठस्तु महामुनि:॥ १०॥
 
 
अनुवाद
इस प्रकार शोक करते हुए महामुनि वसिष्ठ ने उदास मन से भरत से पुनः कहा -॥10॥
 
Thus lamenting with a downcast mind, the great sage Vasishtha again said to Bharata -॥10॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)