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श्लोक 37
श्लोक
2.75.37
राजस्त्रीबालवृद्धानां वधे यत् पापमुच्यते।
भृत्यत्यागे च यत् पापं तत् पापं प्रतिपद्यताम्॥ ३७॥
अनुवाद
'राजा को वही पाप लगेगा जो स्त्री, बालक या वृद्ध को मारने से तथा अपने सेवकों को त्यागने से लगता है।॥37॥
'The king will incur the same sins that are committed in killing a woman, child, or the aged, and in abandoning his servants.॥ 37॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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