श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 2: अयोध्या काण्ड  »  सर्ग 75: कौसल्या के सामने भरत का शपथ खाना  »  श्लोक 16
 
 
श्लोक  2.75.16 
इदं हि तव विस्तीर्णं धनधान्यसमाचितम्।
हस्त्यश्वरथसम्पूर्णं राज्यं निर्यातितं तया॥ १६॥
 
 
अनुवाद
'यह विशाल, धन-धान्य से युक्त, हाथी, घोड़े और रथों से युक्त राज्य कैकेयी ने तुम्हें (श्रीराम से छीनकर) दिया है।' 16॥
 
'This vast kingdom, rich in wealth and full of elephants, horses and chariots, has been given to you by Kaikeyi (by snatching it from Shri Ram).' 16॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)