vedamrit
Reset
Home
प्रमुख ग्रंथ
भगवद गीता
श्रीमद् रामायण
श्रीमद् भागवतम
श्री महाभारत
श्री रामचरितमानस
श्रीमद् विष्णु पुराण
श्रीचैतन्य भागवत
श्रीचैतन्य चरितामृत
भक्तिरसामृतसिन्धु
वैष्णव भजन, इस्कॉन आरती
Apps
About
Contact
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण
»
काण्ड 2: अयोध्या काण्ड
»
सर्ग 74: भरत का कैकेयी को कड़ी फटकार देना
»
श्लोक 23
श्लोक
2.74.23
एतौ दृष्ट्वा कृशौ दीनौ सूर्यरश्मिप्रतापितौ।
वध्यमानौ बलीवर्दौ कर्षकेण दुरात्मना॥ २३॥
अनुवाद
'ये दोनों बैल बहुत दुर्बल और दुःखी हैं। सूर्य की किरणों से झुलस गए हैं और ऊपर से दुष्ट किसान इन्हें पीट रहा है।॥23॥
'These two bulls are very weak and sad. They have been scorched by the rays of the sun and on top of that the evil farmer is beating them.॥ 23॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
About Us
|
Contact Us
|
Privacy Policy
|
Connect Form
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
© 2023 vedamrit.in - All Rights Reserved. Developed by ACd
Download SongBook App
Install
×