Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 ramayan 2.72.49: 'बेटा! (उनके वन जाने का कारण इस प्रकार है) - मैंने सुना था कि अयोध्या में श्री राम का राज्याभिषेक होने वाला है, तब मैंने तुम्हारे पिता से तुम्हें राज्य तथा श्री राम को वनवास देने की प्रार्थना की थी। | ramayan सर्ग 2.72: भरत का कैकेयी से पिता के परलोकवास का समाचार पा दुःखी हो विलाप करना,कैकेयी द्वारा उनका श्रीराम के वनगमन के वृत्तान्त से अवगत होना । ramayan काण्ड 2: अयोध्या काण्ड । श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
मया तु पुत्र श्रुत्वैव रामस्येहाभिषेचनम्।
याचितस्ते पिता राज्यं रामस्य च विवासनम्॥ ४९॥
अनुवाद
'बेटा! (उनके वन जाने का कारण इस प्रकार है) - मैंने सुना था कि अयोध्या में श्री राम का राज्याभिषेक होने वाला है, तब मैंने तुम्हारे पिता से तुम्हें राज्य तथा श्री राम को वनवास देने की प्रार्थना की थी।
'Son! (The reason for his going to the forest is as follows) - I had heard that the coronation of Shri Rama is going to take place in Ayodhya, then I requested your father to give you the kingdom and exile for Shri Rama.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥