Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 ramayan 2.72.37: 'जैसे पाश से बँधकर विशाल हाथी असहाय हो जाता है, उसी प्रकार तुम्हारे पिता ने काल के नियम के अधीन होकर अपने अंतिम वचन इस प्रकार कहे -॥37॥ | ramayan सर्ग 2.72: भरत का कैकेयी से पिता के परलोकवास का समाचार पा दुःखी हो विलाप करना,कैकेयी द्वारा उनका श्रीराम के वनगमन के वृत्तान्त से अवगत होना । ramayan काण्ड 2: अयोध्या काण्ड । श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
'जैसे पाश से बँधकर विशाल हाथी असहाय हो जाता है, उसी प्रकार तुम्हारे पिता ने काल के नियम के अधीन होकर अपने अंतिम वचन इस प्रकार कहे -॥37॥
'Just as a great elephant becomes helpless when bound by noose, similarly your father, under the influence of the law of time, spoke his last words as follows -॥ 37॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥