Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 ramayan 2.72.29: 'माँ ! महाराज को कौन-सा रोग हुआ था कि मेरे आने से पहले ही उनका देहांत हो गया? श्री राम सहित वे सभी भाई धन्य हैं, जिन्होंने स्वयं उपस्थित होकर पिता का अंतिम संस्कार किया॥ 29॥ | ramayan सर्ग 2.72: भरत का कैकेयी से पिता के परलोकवास का समाचार पा दुःखी हो विलाप करना,कैकेयी द्वारा उनका श्रीराम के वनगमन के वृत्तान्त से अवगत होना । ramayan काण्ड 2: अयोध्या काण्ड । श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
अम्ब केनात्यगाद् राजा व्याधिना मय्यनागते।
धन्या रामादय: सर्वे यै: पिता संस्कृत: स्वयम्॥ २९॥
अनुवाद
'माँ ! महाराज को कौन-सा रोग हुआ था कि मेरे आने से पहले ही उनका देहांत हो गया? श्री राम सहित वे सभी भाई धन्य हैं, जिन्होंने स्वयं उपस्थित होकर पिता का अंतिम संस्कार किया॥ 29॥
‘Ma! What disease did Maharaj suffer from that he passed away before I could come? All the brothers including Shri Ram are blessed who were present themselves and performed the last rites of father.॥ 29॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥