Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 ramayan 2.72.21: विजयी योद्धाओं में श्रेष्ठ भरत ने अपना सुन्दर मुख वस्त्र से ढक लिया और हृदय में अत्यन्त पीड़ा होने के कारण आँसू बहाते हुए भूमि पर गिरकर विलाप करने लगे। | ramayan सर्ग 2.72: भरत का कैकेयी से पिता के परलोकवास का समाचार पा दुःखी हो विलाप करना,कैकेयी द्वारा उनका श्रीराम के वनगमन के वृत्तान्त से अवगत होना । ramayan काण्ड 2: अयोध्या काण्ड । श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
विजयी योद्धाओं में श्रेष्ठ भरत ने अपना सुन्दर मुख वस्त्र से ढक लिया और हृदय में अत्यन्त पीड़ा होने के कारण आँसू बहाते हुए भूमि पर गिरकर विलाप करने लगे।
Bharata, the best of the victorious warriors, covered his beautiful face with his cloth and shedding tears, being extremely pained in his heart, fell on the ground and started lamenting.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥