Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
ramayan 2.71.36: सारथी! राजाओं के नाश के जो लक्षण मैंने पहले सुने थे, वे सब आज मैं यहाँ देख रहा हूँ।   |   ramayan सर्ग 2.71: रथ और सेना सहित भरत की यात्रा, अयोध्या की दुरवस्था देखते हुए सारथि से अपना दुःखपूर्ण उद्गार प्रकट करते हुए राजभवन में प्रवेश   ।   ramayan काण्ड 2: अयोध्या काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 2: अयोध्या काण्ड  »  सर्ग 71: रथ और सेना सहित भरत की यात्रा, अयोध्या की दुरवस्था देखते हुए सारथि से अपना दुःखपूर्ण उद्गार प्रकट करते हुए राजभवन में प्रवेश  »  श्लोक 36
 
 
श्लोक  2.71.36 
श्रुता नु यादृशा: पूर्वं नृपतीनां विनाशने।
आकारांस्तानहं सर्वानिह पश्यामि सारथे॥ ३६॥
 
 
अनुवाद
सारथी! राजाओं के नाश के जो लक्षण मैंने पहले सुने थे, वे सब आज मैं यहाँ देख रहा हूँ।
 
'Charioteer! All the signs of the destruction of kings that I had heard about earlier, I am seeing them here today. 36.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)