Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 ramayan 2.70.18: ‘पिताजी! आप अपने पुरोहित तथा अन्य श्रेष्ठ ब्राह्मणों को मेरा कुशल-क्षेम बताइए। साथ ही उन दोनों महाधनुर्धर श्री राम और लक्ष्मण को भी कुशल-क्षेम का समाचार सुनाइए।’॥18॥ | ramayan सर्ग 2.70: दूतों का भरत को वसिष्ठजी का संदेश सुनाना, भरत का पिता आदि की कुशल पूछना, शत्रुघ्न के साथ अयोध्या की ओर प्रस्थान करना । ramayan काण्ड 2: अयोध्या काण्ड । श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
पुरोहितं च कुशलं ये चान्ये द्विजसत्तमा:।
तौ च तात महेष्वासौ भ्रातरौ रामलक्ष्मणौ॥ १८॥
अनुवाद
‘पिताजी! आप अपने पुरोहित तथा अन्य श्रेष्ठ ब्राह्मणों को मेरा कुशल-क्षेम बताइए। साथ ही उन दोनों महाधनुर्धर श्री राम और लक्ष्मण को भी कुशल-क्षेम का समाचार सुनाइए।’॥18॥
‘Father! Inform your priest and other great Brahmins about my well-being. Also convey the news of well-being here to those two great archers, Shri Ram and Lakshman.’॥ 18॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥