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ramayan 2.7.3: हर जगह बहुमूल्य ध्वजाएँ लहरा रही हैं। ध्वजाओं ने इस नगरी की शोभा बढ़ा दी है। राजमार्गों पर चंदन मिश्रित जल छिड़का गया है और सभी अयोध्यावासियों ने लेप लगाया है और सिरके से स्नान किया है।   |   ramayan सर्ग 2.7: मन्थरा का कैकेयी को उभाड़ना, कैकेयी का उसे पुरस्कार में आभूषण देना और वर माँगने के लिये प्रेरित करना   ।   ramayan काण्ड 2: अयोध्या काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 2: अयोध्या काण्ड  »  सर्ग 7: मन्थरा का कैकेयी को उभाड़ना, कैकेयी का उसे पुरस्कार में आभूषण देना और वर माँगने के लिये प्रेरित करना  »  श्लोक 3
 
 
श्लोक  2.7.3 
पताकाभिर्वरार्हाभिर्ध्वजैश्च समलंकृताम्।
सिक्तां चन्दनतोयैश्च शिर:स्नातजनैर्युताम्॥ ३॥
 
 
अनुवाद
हर जगह बहुमूल्य ध्वजाएँ लहरा रही हैं। ध्वजाओं ने इस नगरी की शोभा बढ़ा दी है। राजमार्गों पर चंदन मिश्रित जल छिड़का गया है और सभी अयोध्यावासियों ने लेप लगाया है और सिरके से स्नान किया है।
 
Precious flags are fluttering everywhere. Flags have added to the beauty of this city. Water mixed with sandalwood has been sprinkled on the highways and all the people of Ayodhya have applied an ointment and taken a bath using vinegar.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)