हे मूर्ख! उठ! क्या तू सो रहा है? तेरे ऊपर बड़ा भय छा गया है। हे! तेरे ऊपर विपत्तियों का पहाड़ टूट पड़ा है, फिर भी तू अपनी इस दुर्दशा से अनभिज्ञ है?॥14॥
‘Fool! Get up. Are you sleeping? A great fear has come over you. Oh! A mountain of troubles has fallen on you, yet you are not aware of your miserable condition?’॥ 14॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥