श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 2: अयोध्या काण्ड  »  सर्ग 68: वसिष्ठजी की आज्ञा से पाँच दूतों का अयोध्या से केकयदेश के राजगृह नगर में जाना  »  श्लोक 9
 
 
श्लोक  2.68.9 
कौशेयानि च वस्त्राणि भूषणानि वराणि च।
क्षिप्रमादाय राज्ञश्च भरतस्य च गच्छत॥ ९॥
 
 
अनुवाद
'आप सभी लोग शीघ्र ही यहां से चले जाएं और रेशमी वस्त्र तथा उत्तम आभूषण लेकर राजा केकय तथा भरत को भेंट करें।'
 
'You all should leave this place quickly, taking silken clothes and fine ornaments to present to King Kekaya and Bharat.'
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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