Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 ramayan 2.68.15: तत्पश्चात् वे दिव्य शारदण्डा नदी के तट पर पहुँचे, जो स्वच्छ जल से सुशोभित थी, जल से भरी हुई थी तथा जिसमें अनेक पक्षी विचरण कर रहे थे। उन्होंने उसे बड़ी तेजी से पार किया। | ramayan सर्ग 2.68: वसिष्ठजी की आज्ञा से पाँच दूतों का अयोध्या से केकयदेश के राजगृह नगर में जाना । ramayan काण्ड 2: अयोध्या काण्ड । श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
ते प्रसन्नोदकां दिव्यां नानाविहगसेविताम्।
उपातिजग्मुर्वेगेन शरदण्डां जलाकुलाम्॥ १५॥
अनुवाद
तत्पश्चात् वे दिव्य शारदण्डा नदी के तट पर पहुँचे, जो स्वच्छ जल से सुशोभित थी, जल से भरी हुई थी तथा जिसमें अनेक पक्षी विचरण कर रहे थे। उन्होंने उसे बड़ी तेजी से पार किया।
Thereafter they reached the banks of the divine river Sharadanda, which was adorned with clear water, full of water and attended by various birds and they crossed it with great speed. 15.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥