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ramayan 2.68.14: मार्ग में सुन्दर पुष्पों से सुशोभित सरोवर और स्वच्छ जल वाली नदियाँ देखकर दूतगण अपने कार्य के कारण शीघ्रता से आगे बढ़े॥14॥   |   ramayan सर्ग 2.68: वसिष्ठजी की आज्ञा से पाँच दूतों का अयोध्या से केकयदेश के राजगृह नगर में जाना   ।   ramayan काण्ड 2: अयोध्या काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
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श्लोक  2.68.14 
सरांसि च सुफुल्लानि नदीश्च विमलोदका:।
निरीक्षमाणा जग्मुस्ते दूता: कार्यवशाद‍्द्रुतम्॥ १४॥
 
 
अनुवाद
मार्ग में सुन्दर पुष्पों से सुशोभित सरोवर और स्वच्छ जल वाली नदियाँ देखकर दूतगण अपने कार्य के कारण शीघ्रता से आगे बढ़े॥14॥
 
On the way, the messengers moved forward rapidly due to their work, seeing lakes decorated with beautiful flowers and rivers with clear water. ॥ 14॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)