श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 2: अयोध्या काण्ड  »  सर्ग 68: वसिष्ठजी की आज्ञा से पाँच दूतों का अयोध्या से केकयदेश के राजगृह नगर में जाना  »  श्लोक 13
 
 
श्लोक  2.68.13 
ते हास्तिनपुरे गङ्गां तीर्त्वा प्रत्यङ्मुखा ययु:।
पाञ्चालदेशमासाद्य मध्येन कुरुजाङ्गलम्॥ १३॥
 
 
अनुवाद
हस्तिनापुर में गंगा पार करके वे पश्चिम की ओर चले और पांचाल देश में पहुँचकर कुरुजांगल क्षेत्र से होते हुए आगे बढ़े॥13॥
 
After crossing the Ganga at Hastinapur he went towards the west and after reaching Panchal country he proceeded further through the Kurujangal region.॥ 13॥
 ✨ ai-generated
 
 
  Connect Form
  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
  © 2026 vedamrit.in All Rights Reserved. Developed by AmritChaitanyaDas